शेयर बाजार की मूल बातें

सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है?

सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है?

शेयर ब्रोकर को कैसे चुनें | Share broker ko kaise chune

शेयर बाजार में ट्रेडिंग व शेयरों की खरीद बिक्री केवल वही लोग कर सकते हैं जिन्हे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा ट्रेडिंग के लिए लाइसेंस प्राप्त है| ब्रोकर शेयर बाजार के लाइसेंसधारी सदस्य होते हैं इसलिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग ब्रोकर के माध्यम से ही किया जाता है|

पहले ट्रेडिंग करने के लिए निवेशकों को ब्रोकर से फोन सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? में या ब्रोकर के पास खुद जाकर बताना होता था कि कौन से सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? शेयरों में ट्रेडिंग करनी है| इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था लेकिन अब टेक्नोलॉजी की मदद से निवेशक ऑनलाइन ही सॉफ्टवेयर के द्वारा शेयर ट्रेडिंग कर सकता है| अब जितने भी ब्रोकर होते हैं वे सभी अपने ग्राहकों को ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराते हैं इसी का उपयोग करके निवेशक घर बैठे ही ऑनलाइन अपने मनचाहे सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? शेयरों में ट्रेडिंग कर सकता है| हालांकि जिन लोगों को कंप्यूटर चलाना नहीं आता उनके लिए ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करना मुश्किल हो जाता है सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? ऐसे लोग अपने ब्रोकर को फोन पर भी ट्रेडिंग का आर्डर दे सकते हैं आइये देखते हैं एक अच्छे शेयर ब्रोकर का चुनाव कैसे करें:-

1) अच्छे शेयर ब्रोकर को चुनने का सबसे पहला और मुख्य नियम है ब्रोकर के बारे में जानकारी हासिल करना| इसके लिए ब्रोकर का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, ग्राहक सेवा की सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? गुणवत्ता, कस्टमर के साथ ब्रोकर का व्यवहार, ब्रोकरेज फीस व कमीशन इत्यादि जांचे| स्टॉक एक्सचेंज NSE और BSE की वेबसाइटों में पंजीकृत ब्रोकर्स के नामों सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? की लिस्ट भी पाई जा सकती सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? है|

2) शेयर बाजार में मुख्य सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? 2 तरह के ब्रोकर होते हैं :- 1) फुल सर्विस ब्रोकर 2) डिस्काउंट ब्रोकर| फुल सर्विस ब्रोकर ऐसे ब्रोकर होते हैं जो ट्रेडिंग के साथ साथ वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) का भी सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? कार्य करते हैं| फुल सर्विस ब्रोकर सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? आपको निवेश संबंधी सलाह देते हैं, कस्टमर को उसकी जरूरत के हिसाब से निवेश के विकल्प बताते हैं, पोर्टफोलियों को मैनेज करते हैं, कस्टमर की निवेश संबंधी समस्याओं को हल करते हैं इत्यादि| क्योंकि ऐसे ब्रोकर ट्रेडिंग के साथ साथ आपके फाइनेंसियल एडवाइजर का भी कार्य करते हैं इसलिए इनका कमीशन व ब्रोकरेज फीस अधिक होता है| यदि आपके पास अपने निवेश का विश्लेषण, बाजार के प्रवाह को देखने का समय नहीं है तो फुल सर्विस ब्रोकर आपके लिए फायदेमंद होगा| इसके अलावा जिन लोगों को बाजार का कम ज्ञान होता है उनके लिए भी फुल सर्विस ब्रोकर फायदेमंद है|

डिस्काउंट ब्रोकर ऐसे ब्रोकर होते हैं जो केवल ट्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध कराते हैं ऐसे ब्रोकर अपने ग्राहकों को वित्तीय संबंधी कोई सलाह नहीं देते अगर देते भी हैं तो बहुत सिमित सलाह देते हैं| डिस्काउंट ब्रोकर का कमीशन व ब्रोकरेज फीस फुल सर्विस ब्रोकर की तुलना भी काफी कम होता है| जिन लोगों को बाजार का अच्छा ज्ञान है और जो लोग अपने निवेश में समय दे सकते हैं उन लोगों के लिए डिस्काउंट ब्रोकर फायदेमंद होते हैं|

3) ब्रोकर का चुनाव करने से पहले उसके द्वारा ली जाने वाली ब्रोकरेज फीस को भी देखना चाहिए| ऐसा ना हो कि आप ऐसे ब्रोकर को चुन लें जो अधिक फीस लेता हो तथा आपने निवेश द्वारा जो भी लाभ सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? कमाया है वो सब ब्रोकर की ब्रोकरेज फीस को चुकाने में ही लग जाए| ब्रोकरेज फीस में कई तरह की फीस शामिल होती हैं जैसे शुरुआती फीस, वार्षिक फिक्स चार्ज, हिडन चार्ज, टैक्स चार्ज आदि| अतः ब्रोकर को चुनने से पहले उससे सभी तरह की लगने वाली फीस की जानकारी हासिल करें| अतः ऐसा ब्रोकर चुने सबसे कम ब्रोकरेज कौन लेता है? जिसका रिकॉर्ड अच्छा हो, अच्छी सर्विस उपलब्ध कराता हो और ब्रोकरेज फ़ीस भी कम लेता हो| विभिन्न ब्रोकरों के ब्रोकरेज फ़ीस की तुलना करते समय इस बात का ध्यान रखें कि कम ब्रोकरेज फीस के साथ साथ सर्विस गुणवत्ता भी अच्छी होनी चाहिए ऐसा न हो कि ब्रोकरेज कम है लेकिन ब्रोकर अच्छी सर्विस उपलब्ध नहीं कराता हो|

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